Announcements
Enrollment position as on 23.05.2018

Office Order -Sh K Saseendran, AC will act as CPIO in the absence of Sri S N Srinivas, AO from 16.05.2018 to 29.05.2018

Awards to teachers for Innovation and Experimentation in Kendriya Vidyalaya Sangathan (2018-19)

Sri K Saseendran, AC will act as a CPIO in absence of Sri SN Srinivas, AO (deputed to RO Jabalpur w.e.f. 16th to 20th April,2018)

Notification of KVS Transfer Guidelines 2018 for non-teaching staff up to ASO and teaching up to PGTs

Raj Bhasa Implementation

 
राजभाषा नीति का अनुपालन- संक्षिप्त रिपोर्ट

 

1. राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) का अनुपालन:-  . राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) में उल्लिखित सभी दस्तावेज़ द्विभाषी रूप में जारी किए जाते हैं।

2. हिन्दी में टिप्पण:- इस नियम के अनुपालन में कार्यालय में लगभग 40% टिप्पण हिन्दी में किया जा रहा है ।

3. राजभाषा नियम 1976 के नियम 8 (4) के तहत विनिर्दिष्ट अनुभाग एवं अधिकारी / कर्मचारी द्वारा सरकारी कार्य केवल हिन्दी में करना:- हिन्दी में प्रवीणता / कार्यसाधक ज्ञान रखने वाले सभी अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा उन्हें सौंपे गए कार्य अधिक से अधिक हिन्दी में करने का प्रयास करते हैं।  

4. हिन्दी पत्राचार:-  'ò', '' और 'क्षेत्रों को भेजे जाने वाले पत्रों में वार्षिक राजभाषा कार्यक्रम-2015-16” में निर्धारित लक्ष्य (55%) के अनुसार  प्रयास किया जा रहा है। तथापि इस समय यह प्रतिशत 40 से 50 के बीच में है।

5. कंप्यूटरों में द्विभाषी व्यवस्था :- कार्यालय में प्रयोग किए जा रहे सभी कम्पुटरों द्विभाषी व्यवस्था  यूनिकोड फोंट उपलब्ध है और सभी कर्मचारियों द्वारा इसका आवश्यकतानुसार प्रयोग किया जाता है।

6.लिफाफों पर हिन्दी में पते लिखना:-  'ò', '' और 'क्षेत्रों को भेजे जाने वाले सभी पत्रों के लिफाफों पर पते द्विभाषी में लिखे जाते हैं।

7. फार्मों, कोड़ों, मैनुअलों इत्यादि का द्विभाषी प्रकाशन:-  कार्यालय में प्रयुक्त सभी फार्म हिन्दी और अँग्रेजी दोनों भाषाओं में तैयार किए गए हैं। विद्यालयों के लिए भी लगभग 30 फार्म द्विभाषी तैयार किए गए हैं। 

8. रबड़ की मोहरें, नाम पट्ट ,पत्र-शीर्ष आदि द्विभाषी रूप में बनाना:- राजभाषा नियम 1976 के नियम 11 में उल्लिखित वस्तुएँ जैसे रबड़ की मोहरें, नाम पट्ट, पत्र-शीर्ष आदि द्विभाषी रूप में बनवाए गए हैं।

9. सेवापुस्तिकाओं में प्रविष्टियाँ :-  सभी सेवापुस्तिकाओं में लगभग 75% प्रविष्टियाँ हिन्दी में की जा रही हैं।

2.

10. हिन्दी में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिन्दी में देना :-  राजभाषा नियम 5 के तहत हिन्दी में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिन्दी में ही दिए जाते हैं। इसके अलावा अँग्रेजी में प्राप्त पत्रों का लगभग 30% उत्तर हिन्दी में दिया जाता है।   

11. विभागीय बैठकों /संगोष्ठियों के कार्यसूची /कार्यवृत्त हिन्दी या द्विभाषी रूप में तैयार करना:-  द्विभाषी रूप में जारी करने के प्रयास किए जाते हैं। लगभग 50% अनुपालन किया जा रहा है।  

12. विज्ञापनों एवं प्रचार-प्रसार पर व्यय:-  समाचार पत्रों इत्यादि में विज्ञापन एवं अन्य प्रकार के प्रचार-प्रसार की सामग्री पर 50 प्रतिशत हिन्दी और शेष 50 प्रतिशत अन्य भारतीय भाषाओं व अँग्रेजी पर खर्च किया जाता है।

13. शैक्षिक एवं लेखा परीक्षा निरीक्षण के समय राजभाषा का निरीक्षण:- शैक्षिक एवं लेखा परीक्षा निरीक्षण के समय निरीक्षण दल द्वारा राजभाषा की प्रगति पर भी निरक्षण किया जाता है। इसके अलावा हिन्दी अनुवादक द्वारा भी राजभाषाई निरीक्षण किया जाता है।

14. हिन्दी प्रशिक्षण (भाषा, टंकण एवं आशुलिपि) का रोस्टर  बनाना और प्रशिक्षण दिलाना :- सभी कर्मचारियों के हिन्दी ज्ञान संबंधी रोस्टर बनाया गया है और आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है। इस समय सभी कर्मचारी हिन्दी भाषा, टंकण, आशुलिपि में प्रशिक्षित हैं। 

15. राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकों का आयोजन:-  प्रत्येक तिमाही में एक और वर्ष में कम से कम चार बैठकों का आयोजन निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से किया जाता है और उस पर अनुवर्ती कार्रवाई भी की जाती है।   

16. हिन्दी पुस्तकों की खरीद पर व्यय:- लक्ष्य प्राप्त करने के लिए इस वर्ष स्वीकृत राशि रु. 50.000 में से 10.000 राशि की पुस्तकें खरीदी जा चुकी है। शेष 40.000 राशि की पुस्तकें बजट की स्वीकृत प्राप्त  होते ही खरीदी जाएंगी। संसदीय राजभाषा समिति को दिए गए आश्वासन के अनुसार हिन्दी पुस्तकों का प्रतिशत (50%) होने तक केवल हिन्दी पुस्तकें ही खरीदने का निर्णय लिया गया है।    

17. वार्षिक कार्यक्रम :-  राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकों में . वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्यों पर चर्चा की जाती है और उस पर अनुवर्ती कार्रवाई भी की जा रही है। 

18. पंजिकाओं /फाइलों के शीर्षक:- प्रयोग किए जा रहे रजिस्टरों/ फाइलों के शीर्षक द्विभाषी लिखे गए हैं।

नोट- उक्त बिन्दुओं का क्रियान्वयन विद्यालय स्तर पर भी सुनिश्चित किया गया